9 नवंबर 2020 - 15:55
ईरान के क़रीब फिर न पहुंच जाए नई अमरीकी सरकार, जाते जाते मज़बूत दीवार खड़ी करना चाहता है ट्रम्प प्रशासन...अरब देशों और इस्राईल के दौरे पर निकले वाशिंग्टन के विशेष दूत

इस्राईली वेबइसाट WALLA ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें यह कहा गया है कि चुनाव हार चुके अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प अपने आख़िरी दिनों में ईरान पर कुछ नए प्रतिबंध लगाना चाहते हैं ताकि जो बाइडन 20 जनवरी को सत्ता संभालने के बाद ईरान के बारे में अमरीका की नीतियों को आसानी से बदल न पाएं।

तीन जानकार सूत्रों के हवाले से इस वेबसाइट ने रिपोर्ट दी कि ट्रम्प प्रशासन इस्राईल और अरब देशों की मदद से इस योजना को आनन फ़ानन में निपटा रहा है ताकि बाइडन सरकार के लिए ईरान के परमाणु समझौते में लौट पाना कठिन हो जाए जिससे वर्ष 2018 में ट्रम्प सरकार बाहर निकल गई थी। ट्रम्प सरकार ने अरब देशों और इस्राईल के उकसाने पर ही यह काम किया था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के बारे में विशेष अमरीकी दूत एलियट अब्राम्ज़ रविवार को इस्राईल पहुंचे हैं जहां उन्होंने ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माईर बिन शाबात से मुलाक़ात की साथ ही दूसरे भी कई इस्राईली अधिकारियों से उनकी मुलाक़ाते हुई हैं।

वेबसाइट का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन और नेतनयाहू सरकार के बीच इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई है कि बाइडन सरकार ईरान पर लगे बहुत से प्रतिबंधों को हटाने की कोशिश करेगी और परमाणु समझौते में वापसी का रास्ता ज़रूर तैयार कर लेगी।

अमरीकी दूत अब्राम्ज़ और दूसरे अधिकारी इस्राईली एजेंसियों और संस्थाओं के साथ इस बारे में विचार कर रहे हैं कि ईरान की कुछ अन्य संस्थाओं और अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए जाएं और ट्रम्प अब हर हफ़्ते ईरान के ख़िलाफ़ कुछ नए प्रतिबंधों का एलान करेंगे।

इसके नतीजे में जो स्थिति उत्पन्न होगी उसमें जो बाइडन के लिए ईरान के परमाणु समझौते में वापस लौटना आसान नहीं रहेगा।

अब्राम्ज़ इस्राईल के बाद इमारात और सऊदी अरब की भी यात्रा करेंगे जो ईरान को लेकर इस्राईल की ही तरह बहुत चिंतित हैं। अब्राम्ज़ की यात्रा पूरी होने के बाद आगामी 18 नवम्बर को विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो भी इस इलाक़े का दौरा करेंगे।